Dhirubhai Ambani Biography in hindi

Dhirubhai Ambani Biography in hindi

दोस्तो आज हम बात करेंगे Reliance की आप लोगों ने Dhirubhai Ambani के बारे मे तो सुना ही होगा जी हाँ वो Reliance के Founder थे।

उन्होंने अपने एक इंटरव्यू मैं कहा था कि हमारे देश मे लोग कहते है कि रिलायंस देश का वो बुलबुला है जिसमें फुट कर छा जाने की काबिलियत है पर मैं कहता हूं कि मैं वो बुलबुला हु जो फुट चुका हु । अब मैं आपको अगले कुछ मिनट में बताऊंगा की कैसे देश का सबसे अमीर परिवार जमीन से उठकर आसमान तक पहुंचा ।


कई लोगों ने Dhirubhai की उस बात को उनका Arrogance कहा था। आलोचोको ने कहा था कि ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाला पर 2018 मे Reliance देश का सबसे बड़ा उद्योग घराना बन गया । इस देश की उद्योग के लिए Ambani नाम बहुत या फिर कहे कि सबसे जरूरी है । रिलायंस के पास Insvesters बहुत ज्यादा है । सबसे ज्यादा Dividend Pay करने वाली Companies मैं से रिलायंस ही सबसे ऊपर है किसी के Investment के लिए रिलायंस हमारे सबसे अच्छी कंपनी मैं से एक है ।

Dhirubhai Ambani तो बस Jeep खरीदने की एक छोटी सी तम्मना थी लेकिन उन्होंने Empire खड़ा कर दिया । Dhirubhai गुजरात के जूनागढ़ मैं पैदा हुए थे । जूनागढ़ वही शहर है जो एक समय हिन्दुस्तान से अलग ही रहना चाहता था ।

Dhirubhai सिर्फ दसवीं तक पढ़े थे बाद मैं Yemen के शहर Aden चले गए उस समय French Company मैं जो तेल का कारोबार करती थी उसमे कलर्क थे । फिर Dhirubhai को Retail Marketing मैं डाल दिया गया । ये बहुत सारे अलग अलग देशों जैसे :- Aratri, Sunaliland, Kenya और Uganda जैसे देशों तक काम संभालते थे । Dhirubhai ने खुद बताया था कि वही पर उनको Entrepreneurship का कीड़ा काट गया । वो Mumbai लौट आये और Bhat Bazzar मैं Office खोल लिया । उनके Aden मे काफी कॉन्टेक्ट्स बन गए थे । वो Ginger, Cardamum, Termeric जैसे अलग अलग मसले Export करने लगे ।

Dhirubhai एक फाफी Interesting चीज़ भी बताते थे । सऊद अरब का एक शेख अपने यहाँ एक गुलाब गार्डन बनाना चाहता था और उसको मिट्टी चहिये थी तो धीरूभाई से ना नही बोला गया । चाय पीते हुए Dhirubhai ने Mumbai के यान उद्योग पर कब्जा जमा लिया । धीरूभाई को पक्का गुजराती बनिया कहा जाता था । Anil Ambani जब अपनी बचपन की बात करते है तो ये बताते है की उनका परिवार मुम्बई के चोल मे रहता था और दोनों भाई उन्हीं गलियों मैं खेलते हुए बड़े हुए है ।

1967 मैं जब Dhirabhai ने कंपनी खोलनी चाही तो उनके पास उतने पैसे नही थे इसलिए उन्होंने Viren Shah की मदत मांगी । Viren की Iron & Steel कंपनी थी पर शाह को लगा कि ये प्रोजेक्ट चलेगा नहीँ तो उन्होंने माना कर दिया लेकिन धीरुभाई इस तरह की परेशानियों से खेलने की आदत थी इसलिए उन्होंने पैसे जुटा ही लिया और कंपनी खुल गई ।


1977 मे Reliance Public Limited कंपनी बानी मतलब शेयर्स पब्लिक के लिए खुले तो डर इतना था कि खुद इन्वेस्टर्स इसमें हाथ नहीं डाल रहे थे । अम्बानी के दोस्त D.N Shroff अपने जानकारों को समझ रहे थे लेकिन किसी ने उनकी एक ना सुनी । कुछ लोग ये भी मानते थे कि धीरुभाई जिस भी चीज़ को छू लेते है तो वो सोना हो जाती है तो हुआ कुछ ऐसा ही काम चल पड़ा Rayon और Nylon इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट होने लगा देश मे कही नही बनता था और सिर्फ रिलायंस के यहाँ बनता था तो प्रॉफिट बहुत ज्यादा होने लगा पर इसमे धीरुभाई पर Black Marketing का आरोप लगाया गया था ।

इसके लिए धीरुभाई ने मीटिंग बुलाई और उन्होंने पूछा (You accused me of Black Marketing but which one of you has not slept with me) लोगों के पास इसका जवाब नहीं था क्योंकि सबने धीरुभाई के साथ Bussiness किया था उनपर ये भी आरोप लगे कि उनके पास कुछ तो है जिसकी मदत से वो हर लाइसेंस निकलवा लेते है। उस दौर मे लाइसेंस Main होता था कोई भी कम करने के लिए पहले लाइसेंस बनवाना पड़ता था ।

Dhirubhai का एक बहुत क्लियर Funda था कि कोई भी ऐसा दिखा दो जिसने मुझसे ज्यादा ईमानदारी से काम किया हो ।

1982 मे Reliance Polyester योन बनाने वाला था Damithel Teleflate से उनकी एक Rival कंपनी थी वो बनाने वाली थी Polyester Chips लेकिन उसी साल सरकार ने chips पर Import Duty बढ़ा दी और उस कंपनी को समस्या हो गई इसका फायदा अम्बानी को मिल गया । उससे समय इंदिरा गांधी की सरकार थी । कहा जाता है कि उनको भी धीरूभाई के साथ काम करना था लेकिन धीरुभाई इससे इनकार करते थे क्योंकि अम्बानी को इसका कोई फायदा नही दिखता था । अम्बानी कहते थे कि आपको अपना आईडिया सरकार को बेचना पड़ता है फिर दिखना पड़ता है कि आपका ये आईडिया देश के हित में है ।

Ambani ये भी कहते थे कि कोई भी गरीब आदमी पैसा जल्दी बनाये तो जो सीढ़ी वो यूज़ करता है वो क्लीन तो नहीं होती पर अगर कोई भी ये सोचता है कि धीरुभाई ने सिर्फ ऐसा ही करके पैसा बनाया तो वो गलत सोचता है । सच तो ये है कि धीरुभाई ने जो तरीका यूज़ किया वो बांकी Bussiness Man नहीं कर पाए और इसी लिए वो पीछे रह गए ।

दोस्तो ये स्टोरी हमने इंडिया टुडे मे पब्लिश हुई रिपोर्ट से ली है आपको ये जानकारी जान के कैसा लगा हमे नीचे कमेंट कर के जरूर बताएं ।

धन्यवाद ।


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